आतंकवाद से सहानुभूति रखने वाले कर रहे हैं 370 हटाने का विरोध: PM मोदी

  • by Yogesh
  • August 14, 2019

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के मोदी सरकार के फैसले को लेकर कई तरह के तर्क सामने आ रहे हैं, कई लोगों ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है, तो वहीं विपक्ष ने मोदी सरकार के इस फैसले को गैरसंवैधानिक करार दिया है,

वहीं अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध कर रहे लोगों को करारा जबाब दिया है, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसका विरोध कुछ ही लोगों ने किया है जो कि चंद परिवार हैं और आतंक के प्रति सहानुभूति रखते हैं।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में कहा क, “कश्मीर पर लिए गए निर्णय का जिन्होंने विरोध किया है, उनकी सूची देखिए, ये असामान्य निहित स्वार्थी समूह, राजनीतिक परिवार जो कि आतंक के साथ सहानुभूति रखते हैं और कुछ विपक्ष के लोग हैं।,”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,

“भारत के लोगों ने अपनी राजनीतिक संबद्धताओं से इतर जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के बारे में उठाए गए कदमों का समर्थन किया है, क्योंकि ये राष्ट्र के बारे में है, राजनीति से प्रेरित नहीं है, भारत के लोग देख रहे हैं कि जो निर्णय कठिन थे और पहले असंभव लगते थे वो आज हकीकत बन रहे हैं।,”

वहीं अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध करने वालों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “जो लोग इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, उनके पास इसका कोई कारण नहीं है, ये वही लोग हैं जो उस हर चीज का विरोध करते हैं जो आम आदमी की मदद करने वाली होती है।,”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि,

“ ये लोग अगर रेल पटरी बनती है, वे उसका विरोध करेंगे, ऐसे लोगों का दिल केवल नक्सलियों और आतंकवादियों के लिए धड़कता है, आज हर भारतीय जम्मू एवं कश्मीर और लद्दाख के लोगों के साथ खड़ा है और मुझे भरोसा है कि वे विकास को बढ़ावा देने और शांति लाने में हमारे साथ खड़ा रहेंगे।,”

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि,

“अभी घाटी जो हालात हैं वे जल्द ही सामान्य होंगे, इस प्रावधान ने देश के लोगों को काफी नुकसान किया है, इससे सिर्फ कुछ परिवारों को ही लाभ हुआ है, इसकी वजह से पिछले 7 दशक से लोगों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकी, और अब जरूरत है कि लोगों को विकास की धारा के साथ जोड़ा जाए।,”

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के लोगों से एक अपील करते हुए कहा कि,

“मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को आश्वस्त करता हूं कि ये क्षेत्र स्थानीय लोगों की इच्छाओं, सपनों और महात्वाकांक्षाओं के अनुरूप विकसित किए जाएंगे, अनुच्छेद 370 और 35A जंजीरों की तरह थे, जिनमें लोग जकड़े हुए थे लेकिन अब ये जंजीरे टूट गई हैं।,”

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