लोगों का सोशल मीडिया अकाउंट अब सरकारी आईडी से होगा वैरिफाई, अफवाहों से मिलेगी छुट्टी

  • by Team TechSamvad
  • April 8, 2019

सरकार  सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स जैसे ट्विटर, फेसबुक पर लगाम कसने की तैयारी में हैं। इसके लिये सरकार सभी सोशल मीडिया साइट्स पर कड़ी नजर रखे हुये हैं। इन दिनों ट्रोलर्स और फर्जी खबरें फैलाने वाले लोग अपनी छिपी पहचान का फायदा उठाकर कुछ भी शेयर करते रहते हैं।

सरकार ऐसे में विचार कर रही है कि यूजर्स को गवर्नमेंट आईडी जैसे आधार कार्ड ,पास्पोर्ट या मोबाइल नंबर से अपने  सोशल मीडिया अकाउंट्स को वैरिफाई कराना होगा। यह नए और पुराने दोनों यूजर्स पर लागू होगा।इसके माध्यम से सरकार फर्जी खबरें फैलाने वाले लोग का पता आसानी से लगा सकती हैं।

इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार एक अधिकारी ने बताया है कि, लोगों को लगता है कि वह इंटरनेट पर बिना किसी डर के अपनी पहचान बताए बिना कुछ भी लिख सकते हैं। हालांकि अब हमें लोगों की प्राइवेसी का ख्याल रखने के साथ यह भी ध्यान में रखना होगा कि इंटरनेट पर नकारात्मक चीजों को बढ़ावा न मिले।ट्रोलर्स और फर्जी खबरें फैलाने वाले लोग अपनी छिपी पहचान का फायदा उठाकर कुछ भी शेयर करते रहते हैं।

एक अधिकारी का कहना है कि लगातार सोशल मीडिया पर जॉच करने से फर्जी खबरें फैलाने वालों पर नियंत्रण पाया जा सकता है। सरकार इन कुछ महीनों में साइबर क्राइम जैसे अपराध से बचने के लिये गाइडलाइन्स भी तैयार करेगी।

हाल ही में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नोटिस जारी किया हैं। यह नोटिस ट्विटर पर हो रहे अफवाहो को लेकर किया गया हैं। साथ ही ये भी लिखा है कि जो भी शक्स के ट्विटर अकाउंट से फर्जी खबरें पाइ जायेगी उसे आईटी एक्ट के तहत सजा मिलेगी। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय अधिनियम (आईटी एक्ट) सरकार को अधिकार देती  है कि फर्जी सूचनाए को तुरंत ब्ल़ॉक कर दिया जाये जिससे देश की अखंडता बनी रहे।

सारे सोशल नेटवरकिंग साइट्स पर किसी भी तरह का अफवाह फैलाने या गलत जानकारी देने को लेकर आइटी सेल और देश के कानून मंत्री श्री रवि शंकर प्रसाद ने सक्ती से कार्यवाही करने का आदेश  दिया है ।

ट्विटर अकाउंट को मोबाइल फोन नंबर या ईमेल आईडी के जरिए खोला जा सकता है।हाल ही में यह बात सामने आइ है कि  ट्विटर अकाउंट को खोलने के लिए फर्जी ईमेल आईडी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी की यह वैरिफिकेशन का भरोसेमंद तरीका नहीं है। सरकार लोगों की प्राइवेसी को बरकरार रखने के साथ ही जवाबदेही भी तय करना चाहती है।

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